अब पटवारी लेंगे फसलों की फोटो, नहीं होगी गड़बड़ी
पहले कोटवार करते थे गिरदावरी, शासन की जानकारी में रहेगा कौन से किसान ने लगाई है कौन सी फसल
एमपी ऑनलाइन न्यूज़ रिपोर्टर राज पंत गुना। अब भोपाल में बैठे अफसरों को पता रहेगा कि कौन से किसान ने खेत में कौन सी फसल बोई है। पारदर्शिता के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। पटवारी मौके पर फसलों की गिरदावरी करेंगे। निरीक्षण कर पूरा अपडेशन मोबाइल एप से होगा। पटवारी मौके पर जाकर फोटो लेंगे। यह फोटो मोबाइल एप पर अपलोड करेंगे। इसके बाद किसान के मोबाइल पर ओटीपी आएगा। अपडेशन के बाद किसान को भी पता चलेगा कि उसकी बोई गई फसल का सत्यापन हो गया है। यह जानकारी सीधे शासन के पोर्टल पर अपलोड होगी। मोबाइल से खसरे का अपडेशन हो जाएगा।
पहले ये थी व्यवस्था
अब तक यह हो रहा है कि कोटवार खेतों का निरीक्षण कर पटवारियों को जानकारी देते हैं। इसमें पूरी तरह पारदर्शिता नहीं आ पाती है। कई बार पटवारी सुनकर खसरे पर फसल चढ़ाकर अपडेशन कर देते हैं। इसमें गड़बडिय़ां भी सामने आती है। गलत फसल खसरे पर चढ़ जाने के कारण बाद में परेशानियां आती है। फसल बीमा योजना का फायदा देने में अफसरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार ऐसा होता है कि खेत में लगी फसल अलग और रिकॉर्ड में अलग दर्ज हो जाती है। हर साल जुलाई में खेतों में बोई गई फसलों की जानकारी लेकर खसरे पर चढ़ाई जाती है। पटवारी मोबाइल से गेहूं, केला, कपास, गन्ना सहित सभी तरह की फसलों को मोबाइल एप से अपडेट करेंगे। फसलों की जानकारी अपलोड होने के बाद किसानों को बोवनी सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
गांवों में रुककर राजस्व के प्रकरण निपटाएंगे
राजस्व संबंधी प्रकरणों के निपटारों के लिए राजस्व अफसर दो दिन गांव में रुकेंगे। इस दौरान सभी प्रकरणों की जानकारी जुटाएंगे। खसरा, खतौनी का वितरण किया जाएगा। नामांतरण, बंटवारा के आवेदन पत्र जमा करेंगे। अफसर आसानी से यह सब प्रकरण निपटा सकें। इसके लिए बुकलेट तैयार की गई है। कलेक्टर दीपकसिंह ने राजस्व अफसरों के अलग-अलग दल बनाकर जिम्मेदारी सौंप दी है। दल में राजस्व निरीक्षक, पटवारी, उद्यानिकी, पंचायत समन्वयक शामिल किए हैं।
सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा कर निराकरण करें
कलेक्टर ने राजस्व अफसरों की जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन, नामांतरण, बंटवारा, डायवर्सन, अतिक्रमण, भू-अर्जन, प्राकृतिक प्रकोप, आवासीय पट्टों के आवंटन, रिकॉर्ड रूम के डिजिटाइजेशन, आवास योजना सहित अन्य मामलों की समीक्षा अफसर करेंगे। हर दिन की कार्रवाई से कलेक्टर को अवगत कराएंगे। अफसरों को जांच कर जल्द निराकरण करना है।
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