चित्रकूट को सजाने संवारने और महिमा मण्डित करने की तपस्या सफल हो रही : राजेन्द्र शुक्ल
उद्योग मंत्री द्वारा मिनी स्मार्ट सिटी के सवा पॉच करोड़ लागत के निर्माण कार्यो का शिलान्यास
सतना : प्रदेश के उद्योग वाणिज्य रोजगार और खनिज साधन मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश ही नही देश की सबसे प्रमुख धार्मिक स्थली चित्रकूट धाम है। इसे सजाने संवारने और महिमा मण्डित करने की तपस्या सफल हो रही है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चित्रकूट को देश और दुनिया के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल के रूप में मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की है। म.प्र. सरकार के साथ ही उ.प्र. सरकार द्वारा भी अपने क्षेत्र के चित्रकूट में श्रद्धालुओ की सुविधाओ और पर्यटन की दृष्टि से विकास कार्य किये जा रहे है। उद्योग मंत्री शुक्रवार को चित्रकूट में भरतघाट तथा कामदगिरी द्वितीय मुखार बिन्द के समीप सवा पॉच करोड़ रूपये लागत के 5 निर्माण कार्यो के भूमिपूजन अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सांसद गणेश सिंह, पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार, रामदास मिश्रा, श्रीकृष्ण मिश्रा, सुभाष शर्मा, बालेन्द्र गौतम, पन्नालाल अवस्थी, एच.एन.सिंह, कार्तिकेय द्विवेदी सहित कामदगिरी के व्यवस्थापक मदन गोपाल महाराज सहित साधु संत और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने चित्रकूट में मंदाकिनी तट पर भरतघाट में भारत मिशन योजना के अंर्तगत 1 करोड़ एक लाख 66 हजार रूपये लागत से बनने वाले 13 नग पब्लिक ट्ायलेट, मुख्यमंत्री अधोसंरचना में 56 लाख 24 हजार रूपये की लागत से घाटो की मरम्मत एवं सौन्दर्यीकरण कार्य तथा भरतघाट के पास मंदाकिनी और सरयू के संगम पर बनने वाली 61 लाख 49 हजार की लागत से रिटेनिंग वाल के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इसी प्रकार कामदगिरी द्वितीय मुखारबिन्द में 2 करोड़ 5 लाख 25 हजार रूपये की लागत से बनने वाले 10 नग डे सेल्टर और 6 वाटर टैंक तथा विशेष निधी से बनने वाले 8 नग कव्हरर्ड शेड डे सेल्टर के निर्माण का भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चित्रकूट की नगरी को मिनी स्मार्ट सिटी और सुन्दर धार्मिक नगरी बनाने के लिये जो घोषणाए की थी उन्हे अल्पसमय मे पूरा किया जा रहा है। मंदाकिनी सीवर के शेष कार्य के लिये 28 करोड़ रूपये की राशि मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। इसी प्रकार कामदगिरी के समीप फुटब्रिज के निर्माण के लिये भी निविदा जारी होने के पश्चात् भूमिपूजन किया जायेगा। सतना से चित्रकूट के लिये फोरलेन सडक म.प्र. सरकार द्वारा बनाई जा रही है वहीं उ.प्र. सरकार द्वारा भी आयोध्या से चित्रकूट को जोडने वाली फोरलेन सड़क बनाये जाने की घोषणा की गई है।
उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने चित्रकूट में मंदाकिनी तट पर भरतघाट में भारत मिशन योजना के अंर्तगत 1 करोड़ एक लाख 66 हजार रूपये लागत से बनने वाले 13 नग पब्लिक ट्ायलेट, मुख्यमंत्री अधोसंरचना में 56 लाख 24 हजार रूपये की लागत से घाटो की मरम्मत एवं सौन्दर्यीकरण कार्य तथा भरतघाट के पास मंदाकिनी और सरयू के संगम पर बनने वाली 61 लाख 49 हजार की लागत से रिटेनिंग वाल के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इसी प्रकार कामदगिरी द्वितीय मुखारबिन्द में 2 करोड़ 5 लाख 25 हजार रूपये की लागत से बनने वाले 10 नग डे सेल्टर और 6 वाटर टैंक तथा विशेष निधी से बनने वाले 8 नग कव्हरर्ड शेड डे सेल्टर के निर्माण का भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चित्रकूट की नगरी को मिनी स्मार्ट सिटी और सुन्दर धार्मिक नगरी बनाने के लिये जो घोषणाए की थी उन्हे अल्पसमय मे पूरा किया जा रहा है। मंदाकिनी सीवर के शेष कार्य के लिये 28 करोड़ रूपये की राशि मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। इसी प्रकार कामदगिरी के समीप फुटब्रिज के निर्माण के लिये भी निविदा जारी होने के पश्चात् भूमिपूजन किया जायेगा। सतना से चित्रकूट के लिये फोरलेन सडक म.प्र. सरकार द्वारा बनाई जा रही है वहीं उ.प्र. सरकार द्वारा भी आयोध्या से चित्रकूट को जोडने वाली फोरलेन सड़क बनाये जाने की घोषणा की गई है।
सांसद गणेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चित्रकूट को सुन्दर धार्मिक नगरी के रूप मे प्रतिस्थापित करने की भावना से मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की है। उन्होने स्वयं चित्रकूट का दो दिवस भ्रमण कर यहां आने वाले श्रद्धालूओ की जनसुविधाओ तथा 84 कोष की परिक्रमा मे पडने वाले महत्वपूर्ण तीर्थ और महत्वपूर्ण स्थलो को विकसित करने की योजना को मूर्त रूप दिया है। उनकी घोषणाओ के परिपालन मे आज सवा पॉच करोड़ की लागत से 5 कार्यो का शिलान्यास किया जा रहा है। उन्होने कहा कि हमारी धरोहर और प्राकृति सौन्दर्य हजारो पीढियो तक बनी रहे इस दिशा मे कामदगिरी पर्वत पर जनसहभागिता और सहयोग से विभिन्न प्रजातियो के पौधे रोपित कर उनका संरक्षण भी किया जायेगा।

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