जन्मदिवस विशेष : जब आरडी बर्मन ने आशा भोसले से मांगा ऑटोग्राफ
सुरों की मल्लिका आशा भोसले को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। आज आशा ताई अपना 84वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। उन्होंने अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज किया है। आशा जी अभी तक 1000 से ज्यादा फिल्मों के गाने गा चुकी हैं। उन्होंने 20 भाषाओं में करीब 14000 गीतों को अपनी आवाज दी है। आशा भोसले ने 10 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। आशा के पिता दीनानाथ मंगेशकर मशहूर थिएटर एक्टर और क्लासिकल सिंगर थे।
मशहूर सिंगर की बेटी होने के बावजूद आशा को अपने करियर की शुरुआत में काफी स्ट्रगल करना पड़ा था। उस जमाने में गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेशकर का खूब नाम हुआ करता था। जब ये तीनों कोई गाना छोड़ देते तो वो आशा भोसले को दिया जाता था। यही कारण है कि 50 के दशक में वैम्प्स, बैड गर्ल्स या सेकंड ग्रेड की फिल्मों के ज्यादातर गाने आशा ताई ने गाए हैं। इसी के चलते अफवाह थी कि आशा ताई, लता जी को अपना कॉम्पटीटर मानने लगी थीं।
एक इंटरव्यू में आशा जी ने बताया था कि एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान वो लता दीदी पर किस तरह चिल्लाई थीं। दरअसल, म्यूजिक कंपोजर शंकर जयकिशन ने दोनों को अपना गाना 'कर गया रे.. कर गया रे मुझपे जादू' ऑफर किया। ये गाना फिल्म बसंत बहार का है। ये गाना राग भैरवी पर आधारित था और दोनों ने बहुत बार रिहर्सल की थी। जिस दिन रिकॉर्डिंग थी उस दिन आशा स्टूडियो जाने के लिए तैयार हो गईं।
वहीं लता दीदी अभी भी प्रैक्टिस करे जा रही थीं। उसी दिन आशा जी को एक और गाना रिकॉर्ड करने के लिए जाना था। ये मौका वो छोड़ना नहीं चाहती थीं। एक घंटा हो गया और लता जी अभी भी नहीं आईं थीं। इसके बाद उनके सब्र का बांध टूट गया और वो रिहर्सल रूम में गईं। उन्होंने तेज आवाज में लता जी से कहा, 'अब चलिए, मैं और इंतजार नहीं कर सकती'। इसके बाद लता ने उन्हें एक प्यारी मुस्कान दी और उनके साथ रिकॉर्डिंग के लिए गईं।
आशा ताई की पर्सनल लाइफ में भी कई तूफान आए। उन्हें 16 साल की उम्र में लता मंगेशकर के 31 साल के पर्सनल सेक्रेटरी गणपत राव भोसले से प्यार हो गया था। घर वालों के खिलाफ जाकर उन्होंने गणपत राव से शादी कर ली थी। इस कारण उन्हें अपना घर भी छोड़ना पड़ा था। शादी के कुछ दिन तो अच्छे से बीते लेकिन फिर गणपत और उनके भाई आशा को पीटने लगे।
गणपत के परिवार वाले आशा को उनके घर के किसी भी सदस्य से मिलने नहीं देते थे। उन्होंने कई बार लता दीदी से मिलने की कोशिश की। लेकिन कामयाब नहीं हुईं। जब ये सब उनके बर्दाश्त से बाहर हो गया तो 1960 में वो दो बच्चों के साथ अपनी मां के घर आ गईं। उस समय भी आशा प्रेग्नेंट थीं। आशा जी के बड़े बेटे का नाम हेमंत था जिनका निधन हो चुका है। भोसले की बेटी वर्षा ने 8 अक्टूबर 2012 में सुसाइड कर लिया था। आशा ताई के सबसे छोटे बेटे आनंद भोसले इन दिनों उनकी देखभाल कर रहे हैं।
मां के घर आने के बाद आशा ने फिर से गाना शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात राहुल देव बर्मन यानी आरडी बर्मन से हुई। दोनों ने बहुत से गाने साथ में गाए। इसके बाद 1980 में दोनों ने शादी कर ली। यहां एक बात खास है कि आरडी बर्मन, आशा जी से 6 साल छोटे थे। दोनों की ही एक शादी टूट चुकी थी। लेकिन ये शादी सफल रही और आरडी बर्मन ने अपनी आखिरी सांस तक आशा का साथ दिया।
आशा जी जितना सुरीला गाती हैं उतना ही स्वादिष्ट खाना भी बनाती हैं। उनके हाथ का बना कढ़ाई गोस्त और बिरयानी पूरे बॉलीवुड इंडस्ट्री में फेमस है। एक बार आशा जी से पूछा गया था कि अगर वो सिंगर ना होतीं तो क्या करतीं?? तब आशा ने जवाब दिया था कि एक अच्छी कुक बनकर पैसे कमाती। आशा जी अपने रेस्टोरेंट भी चलाती हैं। दुबई और कुवैत में आशा नाम से उनके रेस्टोरेंट फेमस हैं।
आने वाले सालों में आशा जी के ब्रैंड के 40 रेस्टोरेंट पूरे यूके के अंदर खोलने की प्लानिंग चल रही है। इनके अचीवमेंट्स में उन्हें 7 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड , 2 बार नेशनल अवॉर्ड, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। 1997 में आशा भोसले पहली भारतीय सिंगर बनी जिन्हें ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट किया गया था।
मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन साहब आज भी आशा ताई के दिल में बसे हुए है. आशा का कहना है कि आरडी बर्मन को उनके समय में वो श्रेय नहीं मिल पाया जिसके वे हकदार थे. आशा जी ने कहा कि आज जो रीमिक्स गानो का दौर चल रहा है उनमे से अधिकतर गाने आरडी बर्मन के ही है. आशा जी को आज भी आरडी बर्मन से उनकी मुलाकात याद है. वक़्त था जब ‘अरमान’ फिल्म बन रही थी. उस दौरान एसडी बर्मन ने अपने बेटे आरडी से आशा की मुलाकात कराई थी. आरडी ने उस समय आशा से ज्यादा बात तो नहीं की लेकिन उन्होंने एक नोट बुक आशा की ओर बढ़ाते हुए उसपे उनका ऑटोग्राफ मांग लिया था. उस समय आशा ने यह सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन उनकी और आरडी की शादी हो जाएगी.
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