रीवा-सीधी रेल लाइन : 500 से अधिक किसानों को नौकरी देगी रेलवे
रीवा। विन्ध्य प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट रीवा-सीधी रेल लाइन के लिए जमीन देने वाले किसानों का नौकरी का इंतजार जल्द खत्म होगा। पश्चिम मध्य रेलवे जनवरी 2018 में किसानों को नौकरी के लिए नियुक्ति आदेश जारी करेगा। इसके लिए किसी भी प्रकार लिखित व इंटरव्यू परीक्षा आयोजित नहीं होगी।
बुधवार को स्टेशन परिसर में 38 गांवों के 150 अभ्यर्थियों क वेरीफिकेशन का काम पूरा किया गया। अब स्कैनिंग कमेटी आवेदकों के दस्तावेजों का निरीक्षण कर मेडिकल परीक्षण कराएगी।
रेलवे रीवा-सीधी रेल लाइन के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उनके परिवार के एक सदस्य को चतुर्थ श्रेणी में नौकरी दे रहा है। 2010 में जारी अधिसूचना के आधार पर आवेदन मांगे गए थे। 55गांवों के 500 अभ्यर्थियों के आवेदन मिले हैं। जिनमें से 350 के अभिलेखों का वेरीफिकेशन पहले पूरा हो चुका है। शेष 150 अभ्यर्थियों का वेरीफिकेशन करने के लिए बुधवार को स्टेशन परिसर के अधिकारी विश्राम गृह में शिविर लगाया गया। दस्तावेजों का सत्यापन कराने सुबह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच गए थे।
योग्यता दरकिनार होने से निराश
रेलवे में नौकरी के लिए पीजी व इंजीनियरिंग करने वाले अथ्यथियों ने आवेदन किया है, लेकिन इन सभी की योग्यता दरकिनार कर सीधे चतुर्थ श्रेणी में नौकरी रेलवे दे रहा है। इससे अभ्यर्थी निराश हैं।
जनवरी में मिलेगी नौकरी
वरिष्ठ कर्मिक अधिकारी पश्चिम मध्य रेलवे पंकज सिंहा ने बताया 500 किसानों के अभिलेख का वेरीफिकेशन पूरा हो गया है। अब स्कैनिंग कमेटी इनको जांचकर मेडिकल के बाद जनवरी तक नियुक्ति आदेश जारी करेगी।
अंकूची सत्यापन में लगेगा समय
रेलवे के अधिकारियों ने बताया की स्कैनिंग कमेटी के बाद अम्यर्थियोंं की प्रस्तुत अंक सूची के सत्यापन में अधिक समय लग जाता है। माध्यमिक बोर्ड द्वारा सत्यापित रिपोर्ट नहीं आने कई अभ्यर्थियों को दो- दो माह का इंतजार करना पड़ा। रेलवे में नियुक्त पाने किसानों की बड़ी संख्या में बेटियां भी सामने आई है। पिछले तीन साल से किसान रेलवे में नौकरी का इंतजार कर रहे है।
बुधवार को स्टेशन परिसर में 38 गांवों के 150 अभ्यर्थियों क वेरीफिकेशन का काम पूरा किया गया। अब स्कैनिंग कमेटी आवेदकों के दस्तावेजों का निरीक्षण कर मेडिकल परीक्षण कराएगी।
रेलवे रीवा-सीधी रेल लाइन के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उनके परिवार के एक सदस्य को चतुर्थ श्रेणी में नौकरी दे रहा है। 2010 में जारी अधिसूचना के आधार पर आवेदन मांगे गए थे। 55गांवों के 500 अभ्यर्थियों के आवेदन मिले हैं। जिनमें से 350 के अभिलेखों का वेरीफिकेशन पहले पूरा हो चुका है। शेष 150 अभ्यर्थियों का वेरीफिकेशन करने के लिए बुधवार को स्टेशन परिसर के अधिकारी विश्राम गृह में शिविर लगाया गया। दस्तावेजों का सत्यापन कराने सुबह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच गए थे।
योग्यता दरकिनार होने से निराश
रेलवे में नौकरी के लिए पीजी व इंजीनियरिंग करने वाले अथ्यथियों ने आवेदन किया है, लेकिन इन सभी की योग्यता दरकिनार कर सीधे चतुर्थ श्रेणी में नौकरी रेलवे दे रहा है। इससे अभ्यर्थी निराश हैं।
जनवरी में मिलेगी नौकरी
वरिष्ठ कर्मिक अधिकारी पश्चिम मध्य रेलवे पंकज सिंहा ने बताया 500 किसानों के अभिलेख का वेरीफिकेशन पूरा हो गया है। अब स्कैनिंग कमेटी इनको जांचकर मेडिकल के बाद जनवरी तक नियुक्ति आदेश जारी करेगी।
अंकूची सत्यापन में लगेगा समय
रेलवे के अधिकारियों ने बताया की स्कैनिंग कमेटी के बाद अम्यर्थियोंं की प्रस्तुत अंक सूची के सत्यापन में अधिक समय लग जाता है। माध्यमिक बोर्ड द्वारा सत्यापित रिपोर्ट नहीं आने कई अभ्यर्थियों को दो- दो माह का इंतजार करना पड़ा। रेलवे में नियुक्त पाने किसानों की बड़ी संख्या में बेटियां भी सामने आई है। पिछले तीन साल से किसान रेलवे में नौकरी का इंतजार कर रहे है।

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