मुख्यमंत्री सिर्फ अधिकारी-कर्मचारी नहीं मंत्रियों को भी जिम्मेदार मानें : अजय सिंह
भोपाल । प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अपराधों पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है मुख्यमंत्री चाहे जितना दहाड़ें पर पूरे तंत्र में उनका कोई असर नहीं है और न ही कोई उनकी बात सुनता है। भोपाल गैंगरेप मामल में निशाना साधते हुए अजय सिंह ने कहा छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कृत्य की घटना के बाद भी शिवराज महिलाओं के प्रति कितना संवेदनशील हैं यह मेडिकल रिपोर्ट ने बता दिया। इस रिपोर्ट ने पीड़ित छात्रा के साथ पहली बार तो अपराधियों ने ज्यादती की लेकिन रिपोर्ट न लिखकर और शर्मसार मेडिकल रिपोर्ट देकर शिवराज सरकार ने छात्रा के साथ और भी घिनौना काम किया है।
अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री गंभीर घटनाओं में अकेले अधिकारियों कर्मचारियों की नहीं बल्कि मंत्रियों को भी जिम्मेदार माने जो उस महकमे की सारी सुख सुविधाएं भोग रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अमेरिका से ज्यादा महिलाएं मध्यप्रदेश की सशक्त हैं का बड़बोलापन दिखाने वाले कथित मामा के राज में मात्र 3 माह में सितंबर से 9 नवंबर तक 77 दुष्कृत्य और छेड़छाड़ की घटना पूरे प्रदेश में हुई है। इनमें कई घटनाएं ऐसी है जिसमें परेशान होकर महिलाओं और छात्राओं ने जान तक दे दी। सागर के बरखेडा खुमान की छात्रा ने छेड़छाड़ से परेशान होकर आग लगाकर जान दे दी थी, वहीं दमोह में एक पिता को उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत करने पर जिंदा जला दिया। इन तीन माह में 18 घटनाएं ऐसी हैं जिसमें नाबालिग बालिका के साथ दुष्कृत्य की घटनाएं हुई हैं। इनमें 6 घटनाएं शिक्षण संस्थाओं में हुई हैं, जबकि 3 घटनाएं ऐसी हैं जो शासकीय कार्यालयों में हुई, शेष घटनाएं विभिन्न स्थानों में हुई हैं। यह घटनाएं बताती हैं कि आज प्रदेश में महिला कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं और अगर वह मामाराज की पुलिस के पास जाती हैं तो वहां भी उसके साथ हाल ही में घटित दुष्कृत्य की शिकार छात्रा जैसा हश्र होता है। श्री सिंह ने कहा कि भोपाल में ही एक दलित नाबालिग के साथ दुष्कृत्य हो जाता है उसके चार माह का गर्भ ठहर जाता है और पुलिस अंजान बनी रहती है, यह मामाराज की असलियत बताती है।
अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री गंभीर घटनाओं में अकेले अधिकारियों कर्मचारियों की नहीं बल्कि मंत्रियों को भी जिम्मेदार माने जो उस महकमे की सारी सुख सुविधाएं भोग रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अमेरिका से ज्यादा महिलाएं मध्यप्रदेश की सशक्त हैं का बड़बोलापन दिखाने वाले कथित मामा के राज में मात्र 3 माह में सितंबर से 9 नवंबर तक 77 दुष्कृत्य और छेड़छाड़ की घटना पूरे प्रदेश में हुई है। इनमें कई घटनाएं ऐसी है जिसमें परेशान होकर महिलाओं और छात्राओं ने जान तक दे दी। सागर के बरखेडा खुमान की छात्रा ने छेड़छाड़ से परेशान होकर आग लगाकर जान दे दी थी, वहीं दमोह में एक पिता को उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत करने पर जिंदा जला दिया। इन तीन माह में 18 घटनाएं ऐसी हैं जिसमें नाबालिग बालिका के साथ दुष्कृत्य की घटनाएं हुई हैं। इनमें 6 घटनाएं शिक्षण संस्थाओं में हुई हैं, जबकि 3 घटनाएं ऐसी हैं जो शासकीय कार्यालयों में हुई, शेष घटनाएं विभिन्न स्थानों में हुई हैं। यह घटनाएं बताती हैं कि आज प्रदेश में महिला कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं और अगर वह मामाराज की पुलिस के पास जाती हैं तो वहां भी उसके साथ हाल ही में घटित दुष्कृत्य की शिकार छात्रा जैसा हश्र होता है। श्री सिंह ने कहा कि भोपाल में ही एक दलित नाबालिग के साथ दुष्कृत्य हो जाता है उसके चार माह का गर्भ ठहर जाता है और पुलिस अंजान बनी रहती है, यह मामाराज की असलियत बताती है।

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