आरक्षण के विरुद्ध 17 जून से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे सरकारी कर्मचारी
देश भर के 18 राज्यों के शासकीय कर्मचारियों ने ऐलान किया
है कि वे आगामी 17 जून से आरक्षण के विरुद्ध एक व्यापक राष्ट्रव्यापी
आंदोलन छेड़ेंगे। इस हेतु एक संयुक्त आंदोलन समिति का गठन किया गया है। यह
आंदोलन केंद्र सरकार के उस फैसले के विरुद्ध किया जायेगा, जिसके तहत सरकार
एक अध्यादेश लाने की बात कर रही है जिसके द्वारा एम्० नागराज मामले में
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को ख़ारिज करने की तैयारी
की जा रही है।
ज्ञात रहे
कि 2006 के एम्० नागराज मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह व्यवस्था दी
गयी थी कि सरकार पदोन्नति में आरक्षण तब तक नहीं दे सकती है, जब तक वह ठोस
आंकड़ों के आधार पर यह न साबित कर सके, कि उस जाति के पिछड़ेपन,
प्रतिनिधित्व, तथा प्रशानिक कुशलता आदि को प्रमाणित रूप से सिद्ध नहीं कर
दिया जाता है।
इस संयुक्त
आंदोलन समिति का गठन कर्नाटक के श्री एम्० नागराज तथा उत्तर प्रदेश के
श्री शैलेन्द्र दुबे के नेतृत्व में अखिल भारतीय समानता मंच नमक संगठन के
अंतर्गत किया जा रहा है।
इस
सम्बन्ध में 18 अप्रैल 2018 को दिल्ली इक्वलिटी फोरम नामक संगठन का
निर्माण किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार तथा दिल्ली राज्य सरकार के 212
विभागों के राजकीय कर्मचारी व अधिकारी सदस्य हैं। इस संगठन का विधिवत
शुभारम्भ दिल्ली के जी० बी० पंत अस्पताल के सभागार में श्री नागराज तथा
श्री दुबे द्वारा किया गया।
दिल्ली
इक्वलिटी फोरम के सलाहकार, पूर्व आई ए एस अधिकारी श्री समीर सिंह चंदेल
द्वारा बताया गया कि यह आंदोलन इसलिए आवश्यक हो गया है, क्योंकि केंद्र
सरकार के ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स द्वारा यह निर्णय लिया जा चुका है जिसके
अनुसार केंद्र सरकार एक अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है,
जिसके माध्यम से एम्० नागराज मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को समाप्त किया जा सके।
श्री
चंदेल द्वारा जानकारी दी गयी कि केंद्रीय मंत्री श्री रामविलास पासवान तथा
पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरयाणा के मुख्यमंत्रियों की तरफ से आये
बयानों के कारण राजकीय कर्मचारियों और अधिकारियों में भारी रोष व्याप्त है ।
अभी हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दलित एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तारी
के प्रावधानों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के विषय
में भी अध्यादेश लाने की तैयारी कि जा रही है।
श्री
चंदेल द्वारा बताया गया कि आगामी 17 जून "काला दिवस" के रूप में मनाया
जायेगा तथा इस दिन से देश के समस्त राज्यों की राजधानियों में भारी संख्या
में शासकीय कर्मचारियों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
उन्होंने
आगे बताया कि ऐसा देश में प्रथम बार हो रहा है कि केंद्र तथा राज्य
सरकारों के सभी कर्मचारी आरक्षण के विरोध में एक साझा मंच तैयार कर रहे
हैं। दलित वोटों के लिए राजनैतिक दलों द्वारा किये जा रहे अवैधानिक
तुष्टिकरण की कार्यवाही को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
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