2 अप्रैल को मारे गए बेकसूर लोगों को श्रद्धांजलि देने सपाक्स ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में निकाला कैंडल मार्च
सपाक्स, सपाक्स समाज, सपाक्स युवा संगठन के द्वारा मध्यप्रदेश के लगभग 30 जिलों और उनकी तहसील और ब्लॉक स्तर पर कैंडल मार्च या कैंडल जला कर 2 अप्रेल की घटना का विरोध किया गया और सपाक्स वर्ग के मृतको को श्रद्धांजलि दी गई। बाकी के जिलो में प्रसाशन द्वारा लॉ एंड आर्डर को देखते हुए परमिशन नहीं दी गई।
भोपाल
दिनांक 20 मार्च 2018 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘’अनुसूचित-जाति/ जन-जाति अत्याचार निवारण अधिनियम’’ के अन्तर्गत गिरफ्तारी को लेकर कुछ मार्गदर्शन जारी किये। इसके तत्काल बाद इस मुददे पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं विभिन्न राजनीतिक दलों एवं अन्य संबंधित संगठनों द्वारा निर्णय को पढे/ समझे बगैर दी गई उससे पूरे देश में एक भ्रामक स्थिति निर्मित हुई। अज्ञात दलित संगठनों द्वारा प्रतिक्रिया स्वरूप दिनांक 02 अप्रैल 2018 को भारत बंद आयोजित किया गया जिसमें दो दर्जन से अधिक व्यक्तियों की मौत के साथ साथ शासकीय संपत्ति की व्यापक हानि हुई तथा जनसाधारण अनावश्यक रूप से परेशान हुआ। इस विध्वंशक कार्यवाही में अनेक असमाजिक तत्वों/ संगठनों ने अनुसूचित जाति जन-जाति वर्ग को हिंस के लिए परोक्ष रूप से उकसाया। म.प्र. में ही इन वर्गेा के हितार्थ कार्य करने वाले एक संगठन से जुडे सदस्यों की भूमिका भी संदेह से परे नहीं है।
रीवा
सपाक्स, सपाक्स समाज, सपाक्स युवा इकाई, करणी सेना, कायस्थ समाज, अखिल भारतीय ब्राम्हण समाज, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने संयुक्त रूप से शनिवार को सायं 6 बजे अग्रेसन चैक आयुक्त कार्यालय के सामने एकत्रित होकर कैण्डल मार्च निकाला। कैण्डल मार्च में शामिल सभी लोगों ने 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान मारे गये बेकसूर लोगों के याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सपाक्स, सपाक्स समाज, सपाक्स युवा इकाई, करणी सेना, कायस्थ समाज, अखिल भारतीय ब्राम्हण समाज, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने संयुक्त रूप से शनिवार को सायं 6 बजे अग्रेसन चैक आयुक्त कार्यालय के सामने एकत्रित होकर कैण्डल मार्च निकाला। कैण्डल मार्च में शामिल सभी लोगों ने 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान मारे गये बेकसूर लोगों के याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैण्डल मार्च में प्रमुख रूप से इन्जी.देवेन्द्र सिंह, विनोद पटेल, राजेश सिंह, अर्चना सिंह, अंजना सिंह, संजय सिंह, अंकित मिश्रा, राजेश सिंह, जेपी श्रीवास्तव, पीके सिंह, रामपाल नापित, अनिल मिश्रा, संजय सिंह, राघवेन्द्र त्रिपाठी, एसराज सिंह, अमर सिंह, उमाकांत तिवारी, संजय शुक्ला, महेन्द्र तिवारी, नारायण वर्मा, राजेन्द्र शर्मा, अजय सिंह, प्रशान्त सिंह, दिप्पू सिंह, शेरू सिंह, रावेन्द्र सिंह, विनय सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, प्रकाश सिंह, प्रमोद सिंह, राजू त्रिपाठी, दुर्गेश दुबे के साथ ही सपाक्स समाज के प्रबुद्धजन,अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
नरसिंहपुर
सुभाष पार्क चौक नरसिंहपुर पर विगत भारत बंद के दौरान मारे गये लोगों को कैंडल जलाकर मौन श्रद्धांजलि दी गई और 2 अप्रैल को मृत व्यक्तियों के परिजनों को समुचित मुआवजा सरकार से देने की पुरजोर मांग भी की गई। म.प्र. के समस्त सपाक्स वर्ग के नागरिकों एवं कर्मचारी जनों ने दलित राजनीति को तत्काल बंद कर जातिमुक्त भारत की वकालत की। इस अवसर पर सबने एक सुर में उच्च न्यायालय के पदोन्नति में आरक्षण को अवैध ठहराने और हरिजन एक्ट में निर्दाेष लोगों के हितार्थ उच्चतम न्यायालय द्वारा लिये गये निर्णय का सर्मथन व सम्मान करना, आरक्षण में क्रीमिलेयर जिसमें एससीएसटी के परिवारों को एक बार आरक्षण मिल चुका है व आयकर दाता हैं उन्हें आरक्षण का लाभ न दिया जाने, उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्णय अनुसार पदोन्नति में आरक्षण व्यवस्था को तत्काल समाप्त किये जाने आदि मांगों को पूर्ण करने की बात की। कार्यक्रम के अंत में 2 अप्रैल को हुई हिंसा में मारे गये लोगों श्रद्धांजलि दी गई।
शाजापुर
2 अप्रैल को प्रदेश सहित देशभर में भारत बंद के दौरान हुए दुर्भाग्यपूर्ण हंगामे एवं अराजकता के कारण जो लोग मृत हुए थे, उन्हें सपाक्स एवं सपाक्स समाज ने शनिवार शाम को शहर में कैंडल मार्च निकालकर श्रद्घांजलि अर्पित की। शाम 6 बजे बस स्टैंड से कैंडल मार्च शुरू हुआ, जो नई सड़क होते हुए आजाद चौक पहुंचा।
सपाक्स के नोडल ऑफिसर जॉय शर्मा व डॉ. एनएस सिकरवार ने बताया कि सपाक्स एवं सपाक्स समाज द्वारा शांतिपूर्वक कैंडल मार्च निकाला गया। शाम को सभी उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में एकत्रित हुए। फिर कैंडल मार्च शुरू हुआ। कैंडल मार्च और मौन जुलूस बस स्टैंड, फव्वारा चौक, नई सड़क, कृष्णा टॉकीज चौराहा, राधा टॉकीज के सामने से होते हुए सीधे आजाद चौक पहुंचा। यहां बारी-बारी से मोमबत्ती जलाकर श्रद्घांजलि अर्पित की। कैंडल मार्च के दौरान पुलिस की खासी सुरक्षा व्यवस्था रही। वहीं प्रशासनिक अफसर भी नजर रखे रहे।
आगर-मालवा
अनसूचित जाति जनजाति एक्ट के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के स्वागत व समर्थन एवं दलित संगठनों द्वारा 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान उपद्रव में मारे गए लोगों को श्रद्घांजलि देने के लिए आगर में 7 अप्रैल को सपाक्स संगठन के बैनर तले कैंडल मार्च निकाला। इसमें हजारों नागरिक शामिल हुए।
मार्च स्टेट हाईवे पर विजय स्तंभ चौराहे से देर शाम 7 बजे आरंभ हुआ। सामान्य, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 3 हजार से अधिक महिला-पुरुष युवा, व्यापारी, अधिकारी-कर्मचारी जलती मोमबत्ती लिए कतारबद्घ निकले। बाजार मार्ग होते करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर कैंडल मार्च छावनी झंडा चौक पहुंचा। यहां सपाक्स संगठन के जिला नोडल अधिकारी ओपी विजयवर्गीय ने बताया कि जातिगत आरक्षण के विरोध में गैर आरक्षित वर्ग की आवाज को बुलंद करने की दृष्टि से सपाक्स संगठन बनाया गया। जो समय-समय पर प्रदर्शन एवं ज्ञापन देकर मांग करता आ रहा है। इसी कड़ी में गत दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट के क्रियान्वयन में बदलाव का जो फैसला दिया गया, वह आम लोगों के हित संरक्षण में है। इसका स्वागत व समर्थन करने के साथ ही 2 अप्रैल को बंद के दौरान जो नागरिक विभिन्न स्थानों पर उप्रदवियों के हाथों मारे गए हैं, उन्हें श्रद्घांजलि देने के उद्देश्य से ये कैंडल मार्च निकाला गया। इसमें प्रभावी संख्या में भाग लेकर सपाक्स वर्ग से जुड़े नागरिकों ने जो एकजुटता का परिचय दिया है इसके प्रति विजयवर्गीय ने आगरवासियों को धन्यवाद ज्ञापित किया और आगे भी अपने हित संरक्षण में आयोजित हर गतिविधि में इसी तरह भाग लेने की अपील की। संचालन एलएन शर्मा सरोज ने किया। बताया कि 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन आगर कलेक्टोरेट में दिया जाएगा। अधिकाधिक संख्या में नागरिक उपस्थित हों।
पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा
इस कैंडल मार्च को लेकर पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा। मार्च के दौरान व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से अपर कलेक्टर एनएस राजावत, एएसपी प्रदीप पटेल, एसडीओपी सुसनेर ओपी शर्मा, एसडीएम महेन्द्रसिंह कवचे, रक्षित निरीक्षक वंदनासिंह, टीआई अवनीश श्रीवास्तव, यातायात प्रभारी सोनू बड़गुर्जर सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
2 अप्रैल को प्रदेश सहित देशभर में भारत बंद के दौरान हुए दुर्भाग्यपूर्ण हंगामे एवं अराजकता के कारण जो लोग मृत हुए थे, उन्हें सपाक्स एवं सपाक्स समाज ने शनिवार शाम को शहर में कैंडल मार्च निकालकर श्रद्घांजलि अर्पित की। शाम 6 बजे बस स्टैंड से कैंडल मार्च शुरू हुआ, जो नई सड़क होते हुए आजाद चौक पहुंचा।
सपाक्स के नोडल ऑफिसर जॉय शर्मा व डॉ. एनएस सिकरवार ने बताया कि सपाक्स एवं सपाक्स समाज द्वारा शांतिपूर्वक कैंडल मार्च निकाला गया। शाम को सभी उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में एकत्रित हुए। फिर कैंडल मार्च शुरू हुआ। कैंडल मार्च और मौन जुलूस बस स्टैंड, फव्वारा चौक, नई सड़क, कृष्णा टॉकीज चौराहा, राधा टॉकीज के सामने से होते हुए सीधे आजाद चौक पहुंचा। यहां बारी-बारी से मोमबत्ती जलाकर श्रद्घांजलि अर्पित की। कैंडल मार्च के दौरान पुलिस की खासी सुरक्षा व्यवस्था रही। वहीं प्रशासनिक अफसर भी नजर रखे रहे।
आगर-मालवा
अनसूचित जाति जनजाति एक्ट के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के स्वागत व समर्थन एवं दलित संगठनों द्वारा 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान उपद्रव में मारे गए लोगों को श्रद्घांजलि देने के लिए आगर में 7 अप्रैल को सपाक्स संगठन के बैनर तले कैंडल मार्च निकाला। इसमें हजारों नागरिक शामिल हुए।
मार्च स्टेट हाईवे पर विजय स्तंभ चौराहे से देर शाम 7 बजे आरंभ हुआ। सामान्य, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 3 हजार से अधिक महिला-पुरुष युवा, व्यापारी, अधिकारी-कर्मचारी जलती मोमबत्ती लिए कतारबद्घ निकले। बाजार मार्ग होते करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर कैंडल मार्च छावनी झंडा चौक पहुंचा। यहां सपाक्स संगठन के जिला नोडल अधिकारी ओपी विजयवर्गीय ने बताया कि जातिगत आरक्षण के विरोध में गैर आरक्षित वर्ग की आवाज को बुलंद करने की दृष्टि से सपाक्स संगठन बनाया गया। जो समय-समय पर प्रदर्शन एवं ज्ञापन देकर मांग करता आ रहा है। इसी कड़ी में गत दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट के क्रियान्वयन में बदलाव का जो फैसला दिया गया, वह आम लोगों के हित संरक्षण में है। इसका स्वागत व समर्थन करने के साथ ही 2 अप्रैल को बंद के दौरान जो नागरिक विभिन्न स्थानों पर उप्रदवियों के हाथों मारे गए हैं, उन्हें श्रद्घांजलि देने के उद्देश्य से ये कैंडल मार्च निकाला गया। इसमें प्रभावी संख्या में भाग लेकर सपाक्स वर्ग से जुड़े नागरिकों ने जो एकजुटता का परिचय दिया है इसके प्रति विजयवर्गीय ने आगरवासियों को धन्यवाद ज्ञापित किया और आगे भी अपने हित संरक्षण में आयोजित हर गतिविधि में इसी तरह भाग लेने की अपील की। संचालन एलएन शर्मा सरोज ने किया। बताया कि 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन आगर कलेक्टोरेट में दिया जाएगा। अधिकाधिक संख्या में नागरिक उपस्थित हों।
पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा
इस कैंडल मार्च को लेकर पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा। मार्च के दौरान व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से अपर कलेक्टर एनएस राजावत, एएसपी प्रदीप पटेल, एसडीओपी सुसनेर ओपी शर्मा, एसडीएम महेन्द्रसिंह कवचे, रक्षित निरीक्षक वंदनासिंह, टीआई अवनीश श्रीवास्तव, यातायात प्रभारी सोनू बड़गुर्जर सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
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