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15 मार्च से दस जिला अस्पताल में केंसर नियंत्रण की दवाएँ मिलेंगी

भोपाल। तम्बाकू के खतरों से आगाह करने और जन-जागरुकता बढ़ाने की दृष्टि से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला सार्थक सिद्ध हुई। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यशाला के शुभारंभ के पश्चात चर्चा सत्र में केंसर रोग विशेषज्ञों, वरिष्ठ ऑन्कालॉजिस्ट और विभिन्न विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विचार व्यक्त किए। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण सुझाव और उपयोगी जानकारी दी गई।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में आगामी 15 मार्च से केंसर रोग का उपचार चयनित दस जिला अस्पताल में प्रारंभ होगा। पाँच जिलों में कीमोथेरेपी भी प्रारंभ की जाएगी। डॉ. मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल और नेतृत्व से प्रदेश में बेटी बचाओ की तरह यह अभियान भी सफल सिद्ध होगा। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री प्रवीर कृष्ण ने कहा कि पंचायत पदाधिकारियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। रेडक्रास जैसी संस्थाओं का सहयोग भी प्राप्त किया जाएगा।

जवाहरलाल नेहरु केंसर अस्पताल, भोपाल के संस्थापक एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री मदनमोहन जोशी ने कहा कि केंसर रोग के प्रति जागरूकता निरंतर बढ़ रही है। व्यक्तिगत स्तर पर प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास कार्यरत लोगों को समझाइश देकर रोग की रोकथाम में सहयोगी हो सकता है। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री डी.डी. अग्रवाल ने कहा कि जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और खाद्य निरीक्षकों को तम्बाकू की प्रतिबंधित क्षेत्र में बिक्री पर निगाह रखने और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय सिंह ने कहा कि तम्बाकू पर नियंत्रण के लिए सिर्फ चेतावनी देने वाले डरावने विज्ञापन पर्याप्त नहीं है। संदेश और संचार विशेषज्ञों के परामर्श से तम्बाकू के खतरे बेहतर ढंग से बताने का कार्य होना चाहिए। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुम्बई के विशेषज्ञ डॉ पंकज चतुर्वेदी एवं अन्य ने कार्यशाला में केंसर की रोकथाम और उपचार के संबंध में जानकारी दीं।

पुलिस महानिदेशक श्री नंदन दुबे ने बताया कि सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 के प्रभावी अनुपालन और निगरानी के लिए नियमित समीक्षा की जाती है। तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम की धारा-4 में सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। अधिनियम की धारा-6 में अवयस्क को या उनके द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पाद की बिक्री प्रतिबंधित है। श्री दुबे ने कहा कि नशा पीढ़ियों को बर्बाद कर देता है, इस पर नियंत्रण अति आवश्यक है। ऐसे संयुक्त प्रयास निरंतर हों जिससे लोगों को नशे के प्रति निरुत्साहित किया जा सके। पुलिस महानिदेशक ने लोगों को तम्बाकू के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभावों के प्रति संवेदनशील बनाने में इस तरह के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यशाला में डॉ. पी.सी. गुप्ता ने बताया कि देश में प्रतिवर्ष दस लाख लोग तम्बाकूजनित रोगों से असमय मृत्यु का शिकार हो रहे हैं। केंसर शरीर के हर हिस्से को नुकसान पहुँचाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड एक्ट-2006 भी अन्य कानून के साथ प्रभावशील है। आवश्यकता कानूनों के सख्ती से पालन करवाने की है। पैनल चर्चा में छह बिंदु पर विस्तृत चर्चा हुई। इस सत्र का संचालन स्वास्थ्य आयुक्त श्री पंकज अग्रवाल ने किया। स्वास्थ्य संचालक डॉ. संजय गोयल ने आभार माना।

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