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उत्तर भारत में इस हफ्ते के अंत तक दस्तक देगा मॉनसून

नई दिल्ली : मौसम का पूर्वानुमान करने वाली एक निजी एजेंसी ने कहा कि अपनी समयसीमा चूकने के बाद अब मानसून इस हफ्ते के अंत तक राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर भारत के इलाकों में दस्तक दे सकता है।गौर हो कि जून माह में भारत में होने वाली कुल बारिश के राष्ट्रीय औसत में भारी कमी आई है और यह 42 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बारिश के आंकड़ों पर नजर रखने वाली एक निजी एजेंसी के अनुसार पिछले 113 सालों केवल 12 बार ऐसा हुआ है जब जून माह में बारिश के स्तर में 30 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है। गुजरात और राजस्थान में यह कमी 80 प्रतिशत से भी ज्यादा है।

एजेंसी के अनुसार मानसून में देरी के चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उत्तर पश्चिम के मैदानों में जुलाई के पहले सप्ताह में 5 तारीख के आसपास बारिश होने की संभावना है। ‘स्काईमेट’ नाम की निजी एजेंसी ने कहा कि मॉनसून की धीमी प्रगति की वजह से दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने में देरी हुई जिससे जून का महीना देश में पिछले एक दशक के सबसे शुष्क महीनों में से एक बन गया। पर जुलाई में कुछ अच्छी खबरें आने वाली हैं क्योंकि मानसून इस हफ्ते के अंत तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दस्तक दे सकता है। मॉनसून को 29 जून को ही दिल्ली में दस्तक देना था पर इसमें एक हफ्ते की देरी हो गई है।

बहरहाल, हिमालय के तराई इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बनने से दिल्ली और उत्तर भारत के कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बारिश हो सकती है। एजेंसी ने कहा कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के हिस्सों और बिहार में 24 घंटों के दौरान बारिश हो सकती है। दिल्ली और पंजाब में बारिश पांच जुलाई से जोर पकड़ सकती है। यही वह वक्त होगा जब हम मॉनसून के आने का इंतजार है। मौसम विभाग ने भी कहा कि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ स्थानों पर एवं पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानों, ओड़िशा, बिहार, झारखंड, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

विभाग ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों और उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब एवं हरियाणा के कुछ हिस्सों में अगले तीन-चार दिनों में मानसून के आने की स्थिति बनती लग रही है। बहरहाल, विभाग ने सावधान किया कि उत्तर भारत में लू भी चल सकती है।

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