'सिर कलम' जैसी हरकतों का करारा जवाब देंगे: आर्मी चीफ
नई दिल्ली : सेना प्रमुख का कार्यभार संभालने के बाद आज पहले ही दिन सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि भविष्य में सिर कलम करने जैसी घटना पर भारत की प्रतिक्रिया और अधिक यथोचित, तीव्र और तत्काल होगी। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के तौर पर सलामी गारद के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं आपसे कह सकता हूं कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर हमारी प्रतिक्रिया और यथोचित होगी। यह तीव्र और तत्काल होगी।’ नए सैन्य प्रमुख ने पिछले साल पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा 8 जनवरी को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैनिक लांस नायक हेमराज के सिर कलम किए जाने के बाद पाकिस्तान को ‘‘करारा जवाब’’ दिए जाने के संबंध में पूछे जाने पर ये बातें कहीं।
पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कल कहा था कि भारत ने सिर कलम किए जाने की घटना पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। उन्होंने कहा, ‘ऐसा किया गया है। कृपया इस बात को समझें कि जब भी हम बल का इस्तेमाल करते हैं तो यह इस्तेमाल दांव-पेच से लेकर अभियान और सामरिक नीति स्तर के लिए होता है।’
जनरल सिंह ने कहा था, ‘जब मैं यह उल्लेख करता हूं कि उस घटना के दौरान वह रणनीतिक स्तर पर अभियानों पर लक्षित था जिसे पूरा किया गया। मैं समझता हूं कि यह स्थानीय कमांडर द्वारा किया गया, प्रमुखों का इससे कुछ भी लेना देना नहीं था।’ बार्डर एरिया टीम्स (बीएटी) के तहत आने वाले पाकिस्तानी विशेष बलों ने हेमराज का सिर काटने और लांस लायक सुधाकर सिंह के शव को क्षत विक्षत करने का काम किया था। बाद में अगस्त में उन्होंने पाकिस्तानी विशेष बलों और लश्करे तैयबा के आतंकवादियों ने उसी सेक्टर में एक संयुक्त हमला करके पांच भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी थी।
जनरल सुहाग ने सरकार के प्रति आभार जताया कि उसने उनमें ‘‘विश्वास जताया।’’ भाजपा ने इससे पहले संप्रग सरकार द्वारा मई में आखिरी दिनों में जनरल सुहाग को नया सेना प्रमुख नियुक्त करने की प्रक्रिया का विरोध किया था। राजग सरकार के सत्ता में आने के तत्काल बाद रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने कहा था कि नयी सरकार संप्रग सरकार द्वारा की गई नियुक्तियों को बरकरार रखेगी। जनरल सुहाग की नियुक्ति पर केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह ने भी सवाल खड़ा किया था।
जनरल सुहाग ने कहा कि भारतीय सेना की प्रचालनात्मक तैयारियों और प्रभावक्षमता में बढ़ोतरी करना उनकी प्राथमिकता वाले क्षेत्र होंगे। उन्होंने कहा, ‘बल का आधुनिकीकरण, आधारभूत ढांचा विकास, मानव संसाधन का इष्टतम इस्तेमाल, सेवारत कर्मियों एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का कल्याण ऐसे मुद्दे हैं जो मेरे दिल के बहुत नजदीक हैं।’ उन्होंने कहा कि वह सैन्यकर्मियों के कल्याण तथा जरूरी उपकरण एवं हथियार मुहैया कराने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे ताकि वे दी गई जिम्मेदारी निभा सकें।
पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कल कहा था कि भारत ने सिर कलम किए जाने की घटना पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। उन्होंने कहा, ‘ऐसा किया गया है। कृपया इस बात को समझें कि जब भी हम बल का इस्तेमाल करते हैं तो यह इस्तेमाल दांव-पेच से लेकर अभियान और सामरिक नीति स्तर के लिए होता है।’
जनरल सिंह ने कहा था, ‘जब मैं यह उल्लेख करता हूं कि उस घटना के दौरान वह रणनीतिक स्तर पर अभियानों पर लक्षित था जिसे पूरा किया गया। मैं समझता हूं कि यह स्थानीय कमांडर द्वारा किया गया, प्रमुखों का इससे कुछ भी लेना देना नहीं था।’ बार्डर एरिया टीम्स (बीएटी) के तहत आने वाले पाकिस्तानी विशेष बलों ने हेमराज का सिर काटने और लांस लायक सुधाकर सिंह के शव को क्षत विक्षत करने का काम किया था। बाद में अगस्त में उन्होंने पाकिस्तानी विशेष बलों और लश्करे तैयबा के आतंकवादियों ने उसी सेक्टर में एक संयुक्त हमला करके पांच भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी थी।
जनरल सुहाग ने सरकार के प्रति आभार जताया कि उसने उनमें ‘‘विश्वास जताया।’’ भाजपा ने इससे पहले संप्रग सरकार द्वारा मई में आखिरी दिनों में जनरल सुहाग को नया सेना प्रमुख नियुक्त करने की प्रक्रिया का विरोध किया था। राजग सरकार के सत्ता में आने के तत्काल बाद रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने कहा था कि नयी सरकार संप्रग सरकार द्वारा की गई नियुक्तियों को बरकरार रखेगी। जनरल सुहाग की नियुक्ति पर केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह ने भी सवाल खड़ा किया था।
जनरल सुहाग ने कहा कि भारतीय सेना की प्रचालनात्मक तैयारियों और प्रभावक्षमता में बढ़ोतरी करना उनकी प्राथमिकता वाले क्षेत्र होंगे। उन्होंने कहा, ‘बल का आधुनिकीकरण, आधारभूत ढांचा विकास, मानव संसाधन का इष्टतम इस्तेमाल, सेवारत कर्मियों एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का कल्याण ऐसे मुद्दे हैं जो मेरे दिल के बहुत नजदीक हैं।’ उन्होंने कहा कि वह सैन्यकर्मियों के कल्याण तथा जरूरी उपकरण एवं हथियार मुहैया कराने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे ताकि वे दी गई जिम्मेदारी निभा सकें।

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