आइएनएस कोलकाता के आगे दुश्मन आंख तक नहीं उठा सकेगा: मोदी
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आइएनएस कोलकाता को राष्ट्र को समर्पित किया। इससे पहले मुंबई के नेवल बेस पहुंचने पर प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने इस पोत को भारत की युवा शक्ति के बाहुबल और बुद्धिबल का परिचायक बताया। उन्होंने कहा कि अस्त्र और शस्त्र से लड़ाई जीती जा सकती है लेकिन यदि आपके पास पूरी ताकत और सामर्थ्य हो तो युद्ध को टाला भी जा सकता है। पीएम ने कहा कि हमारी सेना को देखकर दुश्मन हमारी तरफ आंख उठाकर नहीं देख सकता है। इस मौके पर उन्होंने मराठा शान शिवाजी के योगदान का उल्लेख किया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आइएनएस कोलकाता के नौसेना में शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ गई है। अब दुश्मन हमें कम कर नहीं आंक सकेगा। इस मौके पर महाराष्ट्र के राज्यपाल, राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, रक्षा मंत्री अरुण जेटली, नौसेना प्रमुख एडमिरल आरके धवन समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। एडमिरल धवन ने अपने स्वागत भाषण में उम्मीद जताई कि इस पोत के कमांडर इस पोत का संचालन पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे और देश और भारतीय नौसेना का नाम पूरे विश्व में रोशन करेंगे।
स्वदेशी तकनीक से निर्मित देश का यह सबसे बड़ा युद्धपोत है। इस पोत को नौसेना के पश्चिमी बेड़े को समर्पित किया जाएगा। रडार की पकड़ में नहीं आने वाले 6,800 टन वजनी कोलकाता श्रेणी के इस युद्धपोत का डिजाइन भारतीय नौसेना के डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) ने इसके निर्माण का काम सितंबर, 2003 में शुरू किया था। यह अपनी श्रेणी का पहला युद्धपोत है। भारत की इसी तरह के दो अन्य युद्धपोत बनाने की योजना है। इस जंगी पोत में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां लगाई गई हैं, जिसमें पनडुब्बी रोधी प्रौद्योगिकी भी शामिल है।
इस युद्धपोत में सतह से सतह पर मार करने वाली अत्याधुनिक ब्रह्मोस मिसाइलें, रॉकेट लांचर, टॉरपीडो ट्यूब लांचर, सोनार हमसा, ईडब्ल्यूएस एलोरा व एके-630 बंदूकें मौजूद हैं, जो समुद्री व हवाई हमले के दौरान दुश्मन के दांत खंट्टे करने में सक्षम हैं।
इसके बाद मोदी नवीं मुंबई में सोलापुर-रायचूर की 765 केवी की ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन करने नवीं मुंबई पहुंचे। वहां पर उन्होंने समुद्र तटके विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समुद्री तटों के विकास से देश की तरक्की सुनिश्चित है। पीएम ने कहा कि आने वाले समय में देशों के बीच समुद्र से व्यापार बढ़ेगा, लेकिन इसके लिए राज्य और केंद्र को मिलकर साथ काम करना होगा।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आइएनएस कोलकाता के नौसेना में शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ गई है। अब दुश्मन हमें कम कर नहीं आंक सकेगा। इस मौके पर महाराष्ट्र के राज्यपाल, राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, रक्षा मंत्री अरुण जेटली, नौसेना प्रमुख एडमिरल आरके धवन समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। एडमिरल धवन ने अपने स्वागत भाषण में उम्मीद जताई कि इस पोत के कमांडर इस पोत का संचालन पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे और देश और भारतीय नौसेना का नाम पूरे विश्व में रोशन करेंगे।
स्वदेशी तकनीक से निर्मित देश का यह सबसे बड़ा युद्धपोत है। इस पोत को नौसेना के पश्चिमी बेड़े को समर्पित किया जाएगा। रडार की पकड़ में नहीं आने वाले 6,800 टन वजनी कोलकाता श्रेणी के इस युद्धपोत का डिजाइन भारतीय नौसेना के डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) ने इसके निर्माण का काम सितंबर, 2003 में शुरू किया था। यह अपनी श्रेणी का पहला युद्धपोत है। भारत की इसी तरह के दो अन्य युद्धपोत बनाने की योजना है। इस जंगी पोत में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां लगाई गई हैं, जिसमें पनडुब्बी रोधी प्रौद्योगिकी भी शामिल है।
इस युद्धपोत में सतह से सतह पर मार करने वाली अत्याधुनिक ब्रह्मोस मिसाइलें, रॉकेट लांचर, टॉरपीडो ट्यूब लांचर, सोनार हमसा, ईडब्ल्यूएस एलोरा व एके-630 बंदूकें मौजूद हैं, जो समुद्री व हवाई हमले के दौरान दुश्मन के दांत खंट्टे करने में सक्षम हैं।
इसके बाद मोदी नवीं मुंबई में सोलापुर-रायचूर की 765 केवी की ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन करने नवीं मुंबई पहुंचे। वहां पर उन्होंने समुद्र तटके विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समुद्री तटों के विकास से देश की तरक्की सुनिश्चित है। पीएम ने कहा कि आने वाले समय में देशों के बीच समुद्र से व्यापार बढ़ेगा, लेकिन इसके लिए राज्य और केंद्र को मिलकर साथ काम करना होगा।

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