दुनिया के नेता बढ़ा रहे हैं मोदी का महत्व!
नई दिल्ली : दुनिया भर के देशों के बड़े नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महत्व बढ़ा रहे हैं। जापान और ऑस्ट्रेलिया ने उनके प्रति जैसा सद्भाव दिखाया है, उसकी मिसाल नहीं है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबोट ने तो दंगों के मामले में मोदी को क्लीन चिट दे दी, जिससे भारत की कई विपक्षी पार्टियों के नेता हैरान-परेशान हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबोट ने अपनी यात्रा के दौरान भारत के साथ असैन्य परमाणु संधि पर दस्तखत किए। पिछली यूपीए सरकार 2008 में अमेरिका के साथ हुए करार के बाद से ही इसकी कोशिश कर रही थी ताकि उसे ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिल सके। लेकिन यूपीए सरकार छह साल में जो काम नहीं कर सकी, वह मोदी की सरकार में तीन महीने में हो गया। हालांकि पिछले विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद यह श्रेय ले सकते हैं कि उन्होंने इसकी जमीन तैयार कर दी थी।
बहरहाल, असैन्य परमाणु समझौते के अलावा टोनी एबोट भारत की दो मूल्यवान धरोहर भी लौटा गए। उन्होंने भारत से चोरी हुई 11वीं सदी की दो मूर्तियां भारत को लौटाईं। ये बेशकीमती मूर्तियां तमिलनाडु से चोरी हुई थीं। इससे पहले नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा में ऐसे ही करार हुए। जापान के साथ असैन्य परमाणु संधि तो नहीं हो पाई, लेकिन जापान भारत में दो लाख दस हजार करोड़ रुपए निवेश करने को तैयार हुआ। सामरिक मामलों में भी वह सहयोग करेगा और हिंद-प्रशांत सागर में एक नया समूह बनाने की भी पहल करेगा।
यह महज संयोग है कि जापान की मोदी की यात्रा के तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री की यात्रा हुई। जापान असल में हिंद-प्रशांत के लिए सामरिक सहयोग समूह में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका को शामिल करना चाहता है। यह भी संयोग ही है कि इसी महीने नरेंद्र मोदी अमेरिका जा रहे हैं, जहां राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनकी दोपक्षीय बातचीत होनी है। यानी चीन को घेरने के लिए भारत. जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का एक रक्षा समूह का गठन संभव हो सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबोट ने अपनी यात्रा के दौरान भारत के साथ असैन्य परमाणु संधि पर दस्तखत किए। पिछली यूपीए सरकार 2008 में अमेरिका के साथ हुए करार के बाद से ही इसकी कोशिश कर रही थी ताकि उसे ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिल सके। लेकिन यूपीए सरकार छह साल में जो काम नहीं कर सकी, वह मोदी की सरकार में तीन महीने में हो गया। हालांकि पिछले विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद यह श्रेय ले सकते हैं कि उन्होंने इसकी जमीन तैयार कर दी थी।
बहरहाल, असैन्य परमाणु समझौते के अलावा टोनी एबोट भारत की दो मूल्यवान धरोहर भी लौटा गए। उन्होंने भारत से चोरी हुई 11वीं सदी की दो मूर्तियां भारत को लौटाईं। ये बेशकीमती मूर्तियां तमिलनाडु से चोरी हुई थीं। इससे पहले नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा में ऐसे ही करार हुए। जापान के साथ असैन्य परमाणु संधि तो नहीं हो पाई, लेकिन जापान भारत में दो लाख दस हजार करोड़ रुपए निवेश करने को तैयार हुआ। सामरिक मामलों में भी वह सहयोग करेगा और हिंद-प्रशांत सागर में एक नया समूह बनाने की भी पहल करेगा।
यह महज संयोग है कि जापान की मोदी की यात्रा के तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री की यात्रा हुई। जापान असल में हिंद-प्रशांत के लिए सामरिक सहयोग समूह में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका को शामिल करना चाहता है। यह भी संयोग ही है कि इसी महीने नरेंद्र मोदी अमेरिका जा रहे हैं, जहां राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनकी दोपक्षीय बातचीत होनी है। यानी चीन को घेरने के लिए भारत. जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का एक रक्षा समूह का गठन संभव हो सकता है।

No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com