नर्मदा घाटी के लोग हक चाहते हैं, भीख नहीं : मेधा पाटकर
ग्वालियर : नर्मदा किनारे के ग्रामवासियो के पास आज अपने घरद्वार, खेत -खलिहान, रोटी-रोटी ही नहीं है तो गांव और घाटी की प्रकृति व संस्कृति कैसे बचेगी। सरकार ने पुनर्ववास के जो दावे किए वह हकीकत से कोसों दूर है। यह बात अल्प प्रवास पर ग्वालियर आईं सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने कही। पत्रकारों से चर्चा करते हुए सुश्री पाटकर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डूब क्षेत्र से प्रभावित हुए लोगों का सरकार विस्थापन तो कर नहीं रही बल्कि सुप्रीम कोर्ट के एक क्लॉज का हवाला देकर उन्हें जबरन हटा रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पहले उनका विस्थापन किया जाए। उन्होंने कहा कि 15 लाख रुपए का पैकेज हर किसी के लिए नहीं है, मात्र उन किसानों के लिए है, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पहले एसआरपी की दोनों किश्तें ली थी। 15 लाख हर किसी को मिलेगा यह गलतफहमी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार पुनर्वास स्थलों पर क्या सभी सुविधाएं हैं। अभी तो टेंडर निकले हैं...करोड़ों रुपए के काम बाकी हैं। न पानी है, न निकासी। पुनर्वास स्थल संबंधी आवेदनों पर आदेश जीआरए ने नहीं दिए हैं तो मामला फिर मप्र उच्च न्यायालय में दाखिल है।
राजपत्र में गलतियों की भरमार
25 मई को निकले शासकीय राजपत्रको हर गांव में तलाशने पर बहुत सारी गलतियां पाई हैं। राजस्व विभाग ने यह काम किया है या नर्मदा प्राधिकरण ने। इसमें 18346 परिवारों की बात है तो वह आधी-अधूरी, गलत सूची और सर्वेक्षण पर आधारित है। लाखों पेड़ों,मवेशियों, मंदिर मस्जिद, शाला-धर्मशाला का हटना क्या संभव है?
No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com