विधानसभा में कुपोषण और बिजली पर भाजपा विधायकों के सवालों से ही घिरी सरकार
भोपाल। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान कुपोषण एवं बिजली के मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक निशंक जैन ने विदिशा जिले में कुपोषण का मामला उठाया। मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि उन्हें खुशी है कि विदिशा में कुपोषण घटा है। जिस पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे दुख है कि प्रदेश के अति पिछड़े 8 जिलों में विदिशा भी शामिल है। सदन में कुपोषण के अलावा बिजली के मुद्दे पर दोनों पक्ष के विधायकों ने सरकार की घेराबंदी की।
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कुपोषण पर सरकार को घेरते हुए कहा कि चालू साल में 6 महीने के भीतर ग्वालियर जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या 28 हजार पहुंच गई, साल पूरा होने तक 50 हजार पहुंच जाएगी। गौर ने पूछा कि यह संख्या क्यों बढ़ रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि गौर जब सीएम थे, तब से कुपोषितों की संख्या घटी है। मुझे खुशी है कि कुपोषण घट है, अजय सिंह ने कहा कि मुझे दुख है कि प्रदेश के 8 अति गरीब जिलों में विदिशा भी शामिल है। जहां से केंद्र की हाईप्रोफाइल मंत्री भी आती हैं। विपक्ष के मुख्य सचेतक रामनिवास रावत ने कहा कि कुपोषण की वजह से प्रदेश में 70 बच्चे रोज मरते हैं और इन्हें खुशी हो रही है।
इसी तरह भाजपा विधायक कैलाश चावला ने बिजली के नाम मची लूट का मामला उठाया। उन्होंने प्रश्नकाल में पूछा कि ट्रॉसफार्मर बदलने का क्या नियम है। जिस पर मंत्री पारस जैन ने जो जवाब दिया उससे वे संतुष्ट नहीं थे। कांग्रेस विधायक सुखेन्द्र सिंह बना ने कहा कि बिजली के नाम पर लूट हो रही है। खेती किसानी का समय है और बिजली नहीं मिल रही है। बसपा विधायक बलवीर सिंह दंडोतिया ने कहा कि पहले डकैत लूटते थे अब बिजली के नाम पर लूट हो रही है। बिजली को लेकर कई विधायकों ने सरकार की घेराबंदी की। दोनों पक्षों ने सदन में जमकर शोर-शराबा किया। इस बीच मंत्री पारस चंद्र जैन हंगामे के बीच बैठकर जवाब दे रहे थे, तभी नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि बैठकर जवाब दोगे तो जतना 2018 में करंट मारेगी, जैसे 2003 में हमें मारा था। बिजली के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ।
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