एंडरसन मामले में धोनी का ब्रिटिश मीडिया ने उड़ाया मजाक
लंदन : महेंद्र सिंह धोनी का जेम्स एंडरसन के खिलाफ आरोप लगाने की जिद का ब्रिटिश मीडिया ने कड़ी आलोचना की और कहा कि इसमें ‘अवसरवाद की बू आती है’ और इस तेज गेंदबाज का दोषमुक्त होना भारत के लिये ‘अपमानजनक’ है।
न्यायिक आयुक्त गोर्डन लुईस ने एंडरसन और रविंद्र जडेजा दोनों को कल चली छह घंटे की सुनवाई के बाद अपशब्द कहने और धक्का देने की कथित घटना के लिये दोषी नहीं पाया था। डेली टेलीग्राफ ने इस पर शीर्षक दिया है, ‘इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन के दोषमुक्त होने से भारत का अपमान’। इसमें लिखा गया है, ‘जो निष्कर्ष निकला वह भारत और इन दोनों के बीच ट्रेंट ब्रिज में झगड़े के बाद जांच की जिद करने वाले उसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का साफ अपमान है।’
अखबार ने लिखा है कि यह भारत की पिछली घटनाओं के कारण एंडरसन से बदला लेने की रणनीति थी। इसमें लिखा गया है, ‘यह क्रिकेट की प्रमुख शक्ति के लिये कड़ा फैसला है। भारतीय खिलाड़ियों का मानना था कि एंडरसन का अशिष्ट अपशब्दों का उपयोग अस्वीकार्य होगा और उनकी स्वीकारोक्ति से संभवत: उनका मामला कमजोर पड़ा जो गेंदबाज को उसकी पिछली अशिष्टता के लिये फंसाने की अवसरवादिता है।’
एक अन्य दैनिक डेली मेल ने भी भारतीय टीम की खिल्ली उड़ायी है। इसमें डेविड लायड ने लिखा है, ‘यह कितना बड़ा मजाक था। यह इस स्थिति में नहीं पहुंचना चाहिए था जहां अदालत के किसी गंभीर मामले की तरह इसमें वकील, बचाव पक्ष और गवाह शामिल हुए। यह फ्रेड कार्नो के सर्कस जैसा था।’ समाचार पत्र गार्डियन ने भी धोनी की आलोचना की।
न्यायिक आयुक्त गोर्डन लुईस ने एंडरसन और रविंद्र जडेजा दोनों को कल चली छह घंटे की सुनवाई के बाद अपशब्द कहने और धक्का देने की कथित घटना के लिये दोषी नहीं पाया था। डेली टेलीग्राफ ने इस पर शीर्षक दिया है, ‘इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन के दोषमुक्त होने से भारत का अपमान’। इसमें लिखा गया है, ‘जो निष्कर्ष निकला वह भारत और इन दोनों के बीच ट्रेंट ब्रिज में झगड़े के बाद जांच की जिद करने वाले उसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का साफ अपमान है।’
अखबार ने लिखा है कि यह भारत की पिछली घटनाओं के कारण एंडरसन से बदला लेने की रणनीति थी। इसमें लिखा गया है, ‘यह क्रिकेट की प्रमुख शक्ति के लिये कड़ा फैसला है। भारतीय खिलाड़ियों का मानना था कि एंडरसन का अशिष्ट अपशब्दों का उपयोग अस्वीकार्य होगा और उनकी स्वीकारोक्ति से संभवत: उनका मामला कमजोर पड़ा जो गेंदबाज को उसकी पिछली अशिष्टता के लिये फंसाने की अवसरवादिता है।’
एक अन्य दैनिक डेली मेल ने भी भारतीय टीम की खिल्ली उड़ायी है। इसमें डेविड लायड ने लिखा है, ‘यह कितना बड़ा मजाक था। यह इस स्थिति में नहीं पहुंचना चाहिए था जहां अदालत के किसी गंभीर मामले की तरह इसमें वकील, बचाव पक्ष और गवाह शामिल हुए। यह फ्रेड कार्नो के सर्कस जैसा था।’ समाचार पत्र गार्डियन ने भी धोनी की आलोचना की।

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